July 15, 2024

खेती में नवीनतम तकनीक का उपयोग करने के लिए एक किसान पाठशाला का आयोजन फुरलक गांव में किया गया, जहां भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने किसानों से मिलकर नवीनतम तकनीकों को अपनाने की पुश्ति की। इसके अंतर्गत, बीज परियोजना के तहत उत्पादित हो रहे नए किस्म के बीज पर चर्चा की गई, जो किसानों को बेहतर उत्पादकता की दिशा में मदद करने का उद्देश्य रखता है। डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने आग्रह किया कि किसान नई तकनीकों को अपनाएं ताकि उन्हें अधिक फसल प्राप्त करने में मदद मिल सके।

किसान पाठशाला में, ग्रामीण बीज परियोजना के अंतर्गत, संस्थान ने किसानों के सहयोग से पिछले दशक से बीज उत्पादन को बढ़ाने के लिए काम किया है। नए किस्म के बीज किसानों को उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं ताकि वे बेहतर फसल प्राप्त कर सकें। किसानों को नई तकनीकें अपनाने के लिए प्रेरित किया गया है ताकि उन्हें अधिक उत्पादकता हासिल कर सके। आईआईडब्ल्यूबीआर के प्रमुख अनुवेषक डॉ. रणधीर सिंह ने ड्रिप सिंचाई विधि और मिट्टी परीक्षण का महत्वपूर्ण योगदान किया, जो उर्वरकों की उचित मात्रा डालने की महत्वपूर्णता पर बल दिया।

डॉ. रणधीर सिंह, जो अब सेवानिवृत्त हो रहे हैं, ने विभिन्न किसानों से सीधे संपर्क साधा और उनके सवालों का समाधान किया। मौके पर उपस्थित रहे अन्य प्रमुख वैज्ञानिकों ने भी विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम का संयोजन करने वाले हरियाणा विज्ञान मंच की राज्य कमेटी के सदस्य डॉ. राजेंद्र सिंह ने सरपंच जोगेंद्र सिंह, डॉ. मंगल सिंह, और डॉ. रमेश चंद के साथ मिलकर 60 किसानों से बात

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